मेरठ मर्डर केस: प्यार, साजिश और ड्रम में दफन राज
मेरठ: सौरभ हत्याकांड में पुलिस और फोरेंसिक टीम की जांच में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। 3 मार्च की रात, मुस्कान ने अपने बॉयफ्रेंड साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या कर दी। इस निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया।
हत्या के बाद सूटकेस में भरने की योजना फेल
हत्या के बाद साहिल और मुस्कान ने सौरभ के शव को सूटकेस में भरकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन सूटकेस छोटा पड़ गया। अगले दिन मुस्कान ड्रम खरीद लाई और उसमें शव के टुकड़ों को सीमेंट से सील कर दिया। यह क्रूरता अपराध की भयावहता को दर्शाती है।
गला रेतने के लिए 10-12 बार वार
फोरेंसिक जांच में पता चला है कि सौरभ की गर्दन पर 10-12 बार वार किया गया। खून के छींटे पूरे कमरे में फैल गए थे। पुलिस को कमरे में बेडशीट, फर्श, दीवारों और बाथरूम तक खून के निशान मिले।
फोरेंसिक जांच में मिले अहम सुराग
फोरेंसिक टीम ने बेंजाडीन टेस्ट और ल्यूमिनॉल केमिकल से खून के निशान की पहचान की। टीम को बेडशीट, तकिया, पिलो कवर और कपड़ों पर खून के धब्बे मिले, जिनकी डीएनए जांच के लिए सौरभ के परिवार वालों के सैंपल लिए जाएंगे।
हत्या के बाद की गतिविधियां
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3 मार्च: हत्या के बाद मुस्कान ने बेटी पीहू को अपनी मां के घर छोड़ा और साहिल के साथ शिमला चली गई।
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17 मार्च: मुस्कान शिमला से लौटी और अपने माता-पिता को घटना के बारे में बताया।
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18 मार्च: पुलिस ने साहिल और मुस्कान को गिरफ्तार किया।
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25 मार्च: फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर विस्तृत जांच की।
पुलिस की जांच जारी
अब पुलिस मुस्कान और साहिल के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है। साथ ही फिंगरप्रिंट और डीएनए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस घटना ने समाज में महिलाओं और पुरुषों के बीच भरोसे को भी झकझोर कर रख दिया है।